ब्लॉकचेन क्या है ? Blockchain technology kya hai in Hindi

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ब्लॉकचेन क्या है ये सवाल लोगो के मन में अक्सर आता रहता है की आखिर ये ब्लॉकचेन क्या है,तो दोस्तों आज हम ये जानेगे की ब्लॉकचेन क्या है और साथ में ये भी देखेंगे की ब्लॉकचैन का उपयोग भारत में कैसे किया जा रहा है। दुनिया भर में ब्लॉकचैन की पॉपुलैरिटी बहुत तेजी से बढ़ रही है लेकिन भारत में अभी तक भी ज्यादा लोगो को इस नयी टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी नहीं है।

ब्लॉकचैन की शुरुआत से लेकर अभी तक की हिस्ट्री क्या रही है और ऐसे कौन कौनसे प्रोजेक्ट है जो की ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी की वजह से ही संभव हो पाए है। हालाँकि ब्लॉकचैन की शुरुआत बहुत पहले से ही हो चुकी थी लेकिन भरत में और दूसरे विकासशील देशो में इसके बारे में जानकारी थोड़ी लेट पहुंची थी।

ब्लॉकचेन क्या है

जैसे की दोस्तों नाम से ही पता चल रहा है की ब्लॉकचैन में ब्लॉक का मतलब ब्लॉक या फिर फिर कोई ऐसी जगह है जो की इनफार्मेशन को स्टोर करती है और उसके बाद में चैन का मतलब श्रंखला है मतलब की ब्लॉकचैन का मतलब बहुत सारे ब्लॉक की श्रंखला है। ब्लॉकचैन को हम हिंदी भाषा में ब्लॉक का समूह भी कहते है।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या है ?

बॉकचैन टेक्नोलॉजी एक ऐसा ट्रांसेकशन का जरिया है जिसमे हम किसी भी चीज को डिजिटल फॉर्म में बदलकर ट्रांसफर या फिर स्टोर कर सकते है। ब्लॉकचैन को सीधी भाषा में समजे तो एक ऐसी टेक्नोलॉजी जो ट्रांसेकशन के लिए बहुत सारे ब्लॉक का उपयोग करती है। और ये ब्लॉक किसी कंप्यूटर (या फिर ऐसे डिवाइस को कहते है जो की डाटा को ट्रांसफर करते है) से जुड़े हुए होते है

ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है।

ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी के काम करने का तरीका थोड़ा लग होता है, जैसे की अगर हम किसी डिवाइस से कोई डाटा एक्सेस करते है या फिर ट्रांसफर करते है तो नार्मल तरीके से सीधा डाटा सेण्टर से कनेक्ट हो जाता है और हमे हमारे काम की फाइल मिल जाती है लेकिन वही ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी की बात करे तो इसमें अगर किस डाटा को एक्सेस करना हो तो इसके लिए जैसे ही हम ब्लॉकचैन से कनेक्ट करते है तो हमारी द्वारा दिया गया इनपुट नजदीकी डिवाइस तक जाता है,

और उसके बाद में उनके नजदीकी डिवाइस तक जाता है और ये लाइन चलती रहती है जब तक की इनपुट उस डिवाइस तक नहीं पहुंच जाता जिसमे हमारी इनफार्मेशन स्टोर है। इस प्रकार हमारे द्वारा दिया गया इनपुट ब्लॉक की मदद से डाटा सेण्टर तक पहुँचता है और उसके बाद में वापस ब्लॉक की मदद से हमारे डिवाइस तक पहुँचता है।
ये है ब्लॉकचैन के काम करने का तरीका जो की आपको सिंपल हिंदी भाषा में समझाया गया है।

ब्लॉकचैन से जुड़े हुए कुछ सवाल और उनके जवाब।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की शुरुआत कब हुई थी ?

ब्लॉकचैन की शुरुआत के बारे में बात करे तो ब्लॉकचैन की शुरुआत 1991 और 1992 के बिच में हुई थी, हालाँकि इसके बारे में तारीख का पूरा पता शायद से किसी को नहीं है लेकिन ऐसा कहा जाता है की ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी की शुरुआत 1991 से लेकर 1992 के बिच में हुई थी।

ब्लॉकचेन डेवलपर क्या है?

ब्लॉकचैन डेवलपर के बारे में बात करे तो ये सॉफ्टवेयर इंजीनियर की तरह ही होते है लेकिन ब्लॉकचैन डेवलपर किसी नए तरीके की ब्लॉकचैन को बनाता है और सॉफ्टवेयर उस टेक्नोलॉजी पर काम करता है।

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