क्या आपने कभी सोचा है की मृत्यु के बाद आपकी Crypto और NFT डिजिटल एसेट का क्या होगा ?

जब भी हम कही पर कुछ भी लेते है तो फिर उसको हम कही ले जा सकते है जैसे की कोई फिजिकल चीज हो तो लेकिन जब बात ऐसी चीजों की अति है जिसको हम छू तक नहीं सकते है तो उनके बारे में लोगो की राय बिलकुल बदल जाती है। क्युकी क्रिप्टो या nft दोनों की ही हम न तो छू सकते है और न ही कही ले जा सकते है लेकिन बात करे इनकी कीमत की तो बहुत सारी ऐसी NFT है जो की बहुत ही महँगी बिकती है इसके बारे में हमने आपको अलग से बता रखा है लेकिन अगर आप ये सोचो की आपके पास कोई क्रिप्टोकोर्रेंसी है और आपकी किसी कारन से मृत्यु हो जाती है तो फिर आपकी क्रिप्टोकोर्रेंसी का क्या होगा।

जैसे जैसे समय बदल रहा है कंप्यूटर जनरेटेड चीजे भी बढ़ रही है और उसी में से एक है nfts और क्रिप्टोकोर्रेंसी। अभी के समय में बहुत सारे लोग ऐसे है जो की किसी फिजिकल प्रॉपर्टी में निवेश करने के बजाय इस तरह की प्रॉपर्टी में निवेश कर रहे है और इसके पीछे के कारण भी बहुत सारे है जैसे की पीछे रह जाने का डर, जिसको हम फियर ऑफ़ मिशंग आउट के नाम से भी जानते है। अभी के समय में ये चीजे काफी ज्यादा चल रही है और इसी की वजह से हम इस चीज से डर जाते है की कही ये मौका हमसे मिस न हो जाये। इसलिए बहुत सारे लोग इसमें निवेश कर रहे है।

अब बात करते है की अगर आपकी मृत्यु हो जाती है तो फिर आपके डिजिटल एसेट्स का क्या होगा।

जैसे की हम सभी जानते है की डिजिटल कररएकनय के ओनर का पता लार पाना पहले के समय में मुश्किल था लेकिन जब से ब्लॉकचैन जैसी टेक्नोलॉजी आयी है तो हम आसानी से ये पता कर सकते है की किसी डिजिटल एक्सेंट्स का असली मालिक कौन है। लेकिन जब उस एक्सेस्ट्स के असली मालिक की मृत्यु हो जाती है तो फिर कैसे उसको ट्रांसफर किया जाता है या फिर किसी और के द्वारा एक्सेस किया जाता है। इसका सीधा सा उत्तर है की जब किसी को उस पथ के बारे में पूरी जानकारी हो जहा पर आपने आपने डिजिटल एसेट को स्टोर किया है तो फिर वह पर जो भी पहुंच पायेगा उसको आपके एसेट्स के बारे में पता चल जायेगा।

आसान शब्दों में बात करे तो जहा पर आपने अपने डिजिटल एसेट को स्टोर किया है वह तक पहुंचने के लिए जो भी यूजर नेम और पासवर्ड की जरूरत होती है तो अगर वो किसी के पास नहीं है तो फिर वह तक कोई नहीं पहुंच पायेगा। और अगर आपने किसी को ये बता रखा है तो फिर आप आसनी से किसी को भी अपनी डिजिटल सम्पति दे सकते हो।

इसके अलावा एक और ऑप्शन है की अगर किसी के पास आपकी सम्पति तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं है तो फिर आपके डिजिटल एसेट्स का क्या होगा , तो इसका भी सीधा सा उत्तर है की अगर आपका वो असेट्स कीमती हो जाता है तो फिर उसकी वैल्यू बढ़ती ही रहेगी और कोई भी उसको नहीं ले पायेगा। क्युकी किसी को पता ही नहीं चलेगा की उस फाइल के ओरिजिनल होल्डर कौन है। और अगर कोई नहीं है तो फिर उस फाइल की लोकेशन तक कैसे पहुंच सकते है।

जब भी आप किसी चीज को स्टोर करते हो तो फिर आपको एक कुंजी दी जाती है जिसकी मदद से ही आप आपने डिजिटल वॉलेट को खोल सकते हो। और अगर आपके पास उसका एक्सेस नहीं है तो फिर आप उसको नहीं खोल सकते हो।

डिजिटल एसेट को अगली पीढ़ी तक पहुंचने के लिए क्या करे।

डिजिटल एसेट को आने वाली पीढ़ी में पहुंचने के लिए आपको कुछ स्टेप को फॉलो करना है। उसके बाद में आपको अगर कुछ हो जाये तो भी आपकी NFTS और क्रिप्टो सुरक्षित रहे। वैसे तो आपको पहले से ही आपने डिजिटल स्टोरेज के पाथ को पहले से कही पर लिखर रखना है ताकि कोई उसके एक्सेस कर सके। हालाँकि आपको किसी को बताना नहीं है क्युकी इसमें बहुत सारी निजी जानकारी भी छिपी हुई है।

सबसे पहले आपको एक वसीयत तैयार करवानी है।

हालाँकि ये सुनने में थोड़ा अजीब लगता है की डिजिटल प्रोडक्ट की वसीयत कैसे करवाते है लेकिन आपको बता दे की बता दे की इसके लिए आपको वकील के पास जाना है और उसके बाद में सभी डिजिटल एसेट की वसीयत बनवानी है क्युकी इसके बाद में आपकी आने वाली पीढ़ी को क़ानूनी तोर पर उस चीज को उपयोग में लेने की परमिशन मिल जाती है। साथ में आपको किसी का नाम भी जोड़ना है जो की आपके बाद में इसका मालिक होने वाले है।

इसके बाद में आपको ये भी सुनिश्चित करना है की आपका रिस्तेदार या जो भी (जिसको आप ये सम्पति देने वाले हो) जानता हो कि आपके डिजिटल एसेट तक कैसे पहुंच सकते है।

साथ में ये भी सुनिश्चित करे की आपने जहा पर आपने डिजिटल एसेट को स्टोर किया है उसके लिए क्या क्या जरुरी चीजे है जो की आपके उस जगह तक पहुंचने के लिए जरुरी है। जैसे की लॉगिन की डिटेल, पासवर्ड, डिजिटल की और साथ में तवो स्टेप ओथैंटिकेशन के लिए आपने जो भी डिवाइस काम में लिए उसका भी एक्सेस किसी के पास हो।

Leave a Comment